कोरोना काल में डूबते दिल को पार लगा सकती हैं ये 7 हेल्पलाइन

Covid 19 Second Wave Facing Mental Stress Anxiety Panic Attacks Call These Mental Health Helpline Numbers: कोरोना वायरस की दूसरी लहर (Coronavirus second wave) से कुछ समय पहले ही हम सब अपनी अपनी दुनिया में सुकून से जी रहे थे. कुछ लोग यात्राओं का प्लान बना रहे थे, कुछ शॉपिंग कुछ प्लांटिंग और कुछ अपने सोशल मीडिया में बेफिक्री के साथ बिजी थे. लेकिन अचानक से आई कोरोना वायरस की दूसरी लहर से जिस भारी संख्या में लोगों की मौत हुई है, बहुत से घर ऐसे हैं जिन्होंने किसी अपने को खोया है. अखबार, सोशल मीडिया और टेलीविजन पर जिस तरह से लोगों की मौत की खबरें छाई हुई हैं और शमशान, कब्रिस्तान भरते हुए दिखाए जा रहे हैं उससे केवल मन में नकारात्मकता ही पैदा हो रही है. कोरोना से संक्रमित आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को डॉक्टर चिंता न करने और भरपूर नींद लेने की सलाह दे रहे हैं. लेकिन ऐसे समय में जब हर तरफ नकारात्मकता और निराशा है मन घबराना, निराशा और नींद ना आना लाज़मी है. इस दौरान आत्महत्या के मामले भी काफी बढ़े हैं, दरअसल, इस दौरान जो लोग अकेले रहते हैं वो काफी दुखी, तनाव ग्रस्त और अकेलापन महसूस कर रहे हैं. अगर आपके मन में भी इस तरह के घातक विचार आ रहे हैं तो आप इन नम्बर्स पर कॉल लगा कर बात कर सकते हैं और अपने मन की व्यथा बता सकते हैं. इन मेंटल हेल्पलाइन नम्बर्स (Mental Health Helpline Numbers) पर आपको जानकारों द्वारा उचित सलाह मिलेगी… मेंटल हेल्पलाइन नम्बर्स (Mental Health Helpline Numbers): – SAHAI – 080 25497777, 9886444075, सोमवार से शनिवार सुबह 10:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक उपलब्ध है. यह भी पढ़ें:  World Asthma Day 2021: तेजी से फूलती है सांस? ये हैं अस्थमा के लक्षण, कारण, जानें बचाव का तरीका– सुमित्री -011 233909090, सोमवार से शुक्रवार को दोपहर 02:00 बजे से 10:00 बजे तक और शनिवार और रविवार को 10:00बजे से 10:00 बजे तक उपलब्ध है. – स्नेही – 9582208181, 2PM से 6PM तक उपलब्ध. – लाइफलाइन फाउंडेशन – 033 24637401, 033 24637432, सुबह 10:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक उपलब्ध.
– साथ – 91 7926305544, 91 7926300222, 1PM से 7PM तक उपलब्ध है. – वंदरेवाला फाउंडेशन – 1860 2662345, 1800 2333330, 24×7 उपलब्ध. – फोर्टिस स्ट्रेस हेल्पलाइन- 08376804102 नीचे दिए गए फोन नंबर्स में से कोई नंबर यदि न मिले, तो हो सकता है कि वह पुराना नंबर हो या नंबर बदल दिया गया हो. आप जरूरतानुसार दूसरे नंबर और दूसरी संस्था से संपर्क कर सकते हैं. ये इंटरनेट और विभिन्न वेबसाइटों पर दिए गए नंबर्स हैं. डिप्रेशन major depressive disorder के तहत आता है जो कि आम लेकिन सीरियस मेडिकल जरूरत है. अवसाद में हमारे सोचने और काम करने के तरीके पर असर पड़ता है. कम से कम दो हफ्ते तक लगातार सिर्फ नकारात्मक सोच रहे, नींद और खाने का तरीका बदल जाए, हरदम थकान रहे, शौक खत्म हो जाए तो ये सारे लक्षण डिप्रेशन के तहत आते हैं. हालांकि कई दूसरी बीमारियों के लक्षण डिप्रेशन से मिलते-जुलते हैं . ऐसे में डिप्रेशन के नतीजे पर पहुंचने से पहले डॉक्टर दूसरी जांचें भी करवाते हैं.

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